Sanatan के दिव्य प्रतीक: शिवलिंग, शिव, नंदी और त्रिशूल
Sanatan Dharma, जिसे हम सनातन धर्म कहते हैं, अनादि और अनंत है। इसमें अनेक दिव्य प्रतीक हैं जो न केवल धार्मिकता बल्कि आध्यात्मिक ऊर्जा के स्रोत भी हैं। शिवलिंग , भगवान शिव , नंदी और त्रिशूल इस धर्म के ऐसे चार स्तंभ हैं जो आत्मा को परमात्मा से जोड़ते हैं। ये प्रतीक केवल पूजा के साधन नहीं हैं, बल्कि ये आत्म-शुद्धि, भक्ति, और मोक्ष की दिशा में मार्गदर्शक हैं। घर में हो या मंदिर में, कार डैशबोर्ड पर हो या मन के मंदिर में — इनका प्रभाव हर जगह महसूस किया जाता है। शिवलिंग: अनंतता का प्रतीक Shivling ब्रह्मांड की रचना और संहार का प्रतीक है। यह पुरुष (चेतना) और प्रकृति (सृजन) के मिलन को दर्शाता है। नर्मदेश्वर शिवलिंग , शालिग्राम , क्रिस्टल लिंग और ब्लैक मार्बल में बने शिवलिंग अत्यधिक शक्तिशाली माने जाते हैं। जल, दूध, शहद और बेलपत्र से की गई अभिषेक क्रिया शिव कृपा को आकर्षित करती है। कार डैशबोर्ड शिवलिंग या नाग के साथ शिवलिंग का भी विशेष महत्व है — यह स्मरण कराते हैं कि भगवान हमारे साथ ...